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परीक्षा और प्रार्थना...
परीक्षा और प्रार्थना...

हे प्रभो, इस दास की, इतनी विनय सुन लीजिए, मार ठोकर नाव मेरी, पार कर ही दीजिए... मैं नहीं डरता प्रलय से, मौत या तूफ़ान से, कांपती है रूह मेरी, बस सदा इम्तिहान से... पाठ पढ़ना, याद करना, याद करके सोचना, सोचकर लिखना उसे, लिखकर उसे फिर घोटना... टांय टा ट… Read more »

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09Jan2010
 
 
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