एक ऐसी भूल जिसका मैं प्रायश्चित भी ना कर सका
स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ख़ड़ी भीगती हुयी आँखों से रुख़सत करती हुयी वो मासूम सी लड़की जब तब मेरे ख्यालों में आ ही जाती है और मुझे एहसास करा जाती है मेरी उस भूल का जिस भूल के लिये आज तक मैं अपने आप को माफ़ नहीं कर पाया हूँ । उस दिन जब वो मुझसे मिलने स्टेशन … Read more »