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कछुआ और खरगोश की कहानी (Latest edition)
कछुआ और खरगोश की कहानी (Latest edition)

                                  कछुआ और खरगोश की कहानी हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। लेकिन आज मैं आपके सामने इस कहानी का नया और Late...

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चाँद का कुर्ता
चाँद का कुर्ता

आज अचानक बैठे बैठे बचपन की एक कविता याद आ गयी, जो कभी मैंने अपने स्कूल के दिनों में पढ़ी थी|   "चाँद का कुर्ता" रामधारी सिंह ...

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मौहब्बत घुल रही है अब फ़िज़ाओं में, धड़कते दिल, मचलते मन से पूछो, हाल क्या है इस मौसम में, किसी को दिल में रख कर के, मेरे दिल की ...

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ये कैसी दीवानगी...
ये कैसी दीवानगी...

ये कैसी दीवानगी मुझको अता कर दी मेरे मौला, कहीं क़ाफ़िर न बन जाऊँ मैं उसकी मौहब्बत में, ख़ुदा तु मुआफ़ कर देना मुझे अपना समझ कर के, म...

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सारे जहां से अच्छा
सारे जहां से अच्छा

सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलगुला हमारा। बुड्ढे कुंवारियों से नैना लड़ा रहे हैं, मकबूल माधुरी की पें...

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पथ की पहचान
पथ की पहचान

पूर्व चलने के बटोही बाट की पहचान कर ले। पुस्तकों में है नही छापी गई इसकी कहानी हाल इसका ज्ञात होता है न औरों की ज़बानी अनगिनत राही गए ...

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प्यारे कृष्ण कन्हैया
प्यारे कृष्ण कन्हैया

कलयुग में अब ना आना रे प्यारे कृष्ण कन्हैया तुम बलदाऊ के भाई यहाँ हैं दाउद के भैया।। दूध दही की जगह पेप्सी, लिम्का कोकाकोला चक्र सुदर्शन...

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