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परीक्षा और प्रार्थना...
परीक्षा और प्रार्थना...

हे प्रभो, इस दास की, इतनी विनय सुन लीजिए, मार ठोकर नाव मेरी, पार कर ही दीजिए... मैं नहीं डरता प्रलय से, मौत या तूफ़ान से, कांपती है रूह ...

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होने दो सागर का मंथन
होने दो सागर का मंथन

होने दो सागर का मंथन विष निकलेगा- यह भय क्यों हो क्यों हो क्रंदन- पाना तुमको यदि अमृत है मंथन तो करना ही होगा छोड़ रहे क्यों मध्य मार...

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पंखुड़ी
पंखुड़ी

अ नुराग 'आर्कुट' पर नये मित्रों की खोज कर रहा था कि अचानक एक चेहरे पर आकर उसकी नजरें रूक गयीं। वो गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठ और...

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थोड़ा और मिल जाता तो...
थोड़ा और मिल जाता तो...

य ह पश्चिम के किसी देश की बात है, जहाँ रोटियों की जगह आमतौर पर ब्रेड खाई जाती है। वहां एक व्यक़्ति रोज़ रेस्तरां जाता और ब्रेड के साथ सूप का ...

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क़ीमत
क़ीमत

एक दिन एक आदमी बाज़ार से गुज़र रहा था। वहाँ बड़ी भीड़-भाड़ थी, क़िस्म-क़िस्म की, ढ़ेर सारी दुकानें थीं। तभी उसने देखा कि एक जगह पांच-पांच सौ रुपए ...

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एक ऐसी भूल जिसका मैं प्रायश्चित भी ना कर सका
एक ऐसी भूल जिसका मैं प्रायश्चित भी ना कर सका

स्टे शन के प्लेटफॉर्म पर ख़ड़ी भीगती हुयी आँखों से रुख़सत करती हुयी वो मासूम सी लड़की जब तब मेरे ख्यालों में आ ही जाती है और मुझे एहसास करा जा...

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चाँद से गुज़ारिश
चाँद से गुज़ारिश

ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा, महबूब मेरा सोया हैं या जगा, मुझे ख़बर उसकी बतला तो जरा, ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जर...

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