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होने दो सागर का मंथन
होने दो सागर का मंथन

होने दो सागर का मंथन विष निकलेगा- यह भय क्यों हो क्यों हो क्रंदन- पाना तुमको यदि अमृत है मंथन तो करना ही होगा छोड़ रहे क्यों मध्य मार्ग में यात्रा को पूरा करना है थकित रहे तन तो क्या डर है मन तो थका नहीं करता है उठो करो तुम शक़्ति प्रदर्शन होने दो सा… Read more »

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20Dec2009

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पंखुड़ी
पंखुड़ी

अ नुराग 'आर्कुट' पर नये मित्रों की खोज कर रहा था कि अचानक एक चेहरे पर आकर उसकी नजरें रूक गयीं। वो गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठ और सपनों से भरी हुई आँखें- जैसे सुबह की पहली किरण कोई मधुर गीत सुनाने के लिये नदी की लहरों पर उतरी हो। उसने ध्यान से फोटो… Read more »

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16Nov2009

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थोड़ा और मिल जाता तो...
थोड़ा और मिल जाता तो...

यह पश्चिम के किसी देश की बात है, जहाँ रोटियों की जगह आमतौर पर ब्रेड खाई जाती है। वहां एक व्यक़्ति रोज़ रेस्तरां जाता और ब्रेड के साथ सूप का ऑर्डर देता। रेस्तरां का मेनु तय था। वे लोग एक कटोरी सूप के साथ ब्रेड की चार स्लाइस देते थे। एक दिन मैनेजर ग्राह… Read more »

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07Nov2009

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क़ीमत
क़ीमत

एक दिन एक आदमी बाज़ार से गुज़र रहा था। वहाँ बड़ी भीड़-भाड़ थी, क़िस्म-क़िस्म की, ढ़ेर सारी दुकानें थीं। तभी उसने देखा कि एक जगह पांच-पांच सौ रुपए में पक्षी बिक रहे हैं और बहुत सारे लोग उन्हें बड़े शौक़ से खरीद भी रहे हैं। यह देखकर उसने सोचा कि जब ये छोटे-छोटे… Read more »

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04Oct2009

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एक ऐसी भूल जिसका मैं प्रायश्चित भी ना कर सका
एक ऐसी भूल जिसका मैं प्रायश्चित भी ना कर सका

स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ख़ड़ी भीगती हुयी आँखों से रुख़सत करती हुयी वो मासूम सी लड़की जब तब मेरे ख्यालों में आ ही जाती है और मुझे एहसास करा जाती है मेरी उस भूल का जिस भूल के लिये आज तक मैं अपने आप को माफ़ नहीं कर पाया हूँ । उस दिन जब वो मुझसे मिलने स्टेशन … Read more »

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13Sep2009

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चाँद से गुज़ारिश
चाँद से गुज़ारिश

ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा, महबूब मेरा सोया हैं या जगा, मुझे ख़बर उसकी बतला तो जरा, ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा!! मैं हूँ यहाँ, वो दूर है मुझसे, इसलिए ही ये कहता हूँ तुझसे , थोडी सी रौशनी मेरे प्यार की, उनके चेहरे पे बिखर… Read more »

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28Aug2009

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ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का

दोस्ती नाम है सुख-दुख के अफसाने का, ये राज है सदा मुस्कुराने का, ये पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं, ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का, जिन्दगी में आकर कभी ना वापस जाने का, ना जानें क्यों एक अजीब सी डोर में बन्ध जाने का, इसमें होती नहीं हैं शर्तें, ये तो … Read more »

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02Aug2009

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पता ना चला
पता ना चला

सोचकर भी मुझको यकीं ना हुआ, कैसे दोस्ती हो गयी उनसे पता ना चला, कैसे चुपके से दिल में वो मेरे आ गयीं, वो अजनबी से कब मेरी हो गयीं पता ना चला, उनकी सूरत के चर्चे ज़माने में हैं, पर उनकी शीरत ने मेरे दिल में घर कर लिया, उनकी हँसी मेरे मन में कुछ इस तरह… Read more »

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02Aug2009

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भिगोकर अश्कों से पलकें
भिगोकर अश्कों से पलकें

भिगोकर अश्कों से पलकों को बस यही फरियाद करते हैं, तू भी उतना ही करती हो, जितना हम तुझे याद करते हैं, दम तो मोहब्बत का उनकी,हम भी भरते हैं, कहें कैसे बेकरारी से हर पल उनको याद हम भी करते हैं, पलकों से अब अपने उनकी मोहब्बत उतार दी है, कर करके याद उनको… Read more »

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02Aug2009

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प्यारी माँ
प्यारी माँ

प्यारी माँ मुझको तेरी दुआ चाहिये, तेरे आँचल की ठंडी हवा चाहिये, लोरी गा-गा के मुझको सुलाती है तु, मुस्कुरा के सवेरे जगाती है तु, मुझ को इस के सिवा और क्या चाहिये, प्यारी माँ मुझको तेरी दुआ चाहिये, तेरे आँचल की ठंडी हवा चाहिये, तेरी ममता के साये में … Read more »

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02Aug2009

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चेहरे पर चँचल लट उलझी....
चेहरे पर चँचल लट उलझी....

चेहरे पर चँचल लट उलझी, आँखों मे सपन सुहाने हैं ये वही पुरानी राहें हैं, ये दिन भी वही पुराने हैं कुछ तुम भूली कुछ मै भूला मंज़िल फिर से आसान हुई हम मिले अचानक जैसे फिर पहली पहली पहचान हुई आँखों ने पुनः पढी आँखें, न शिकवे हैं न ताने हैं चेहरे पर चँचल… Read more »

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27Jul2009

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मै तुम्हे ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक गया
मै तुम्हे ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक गया

मै तुम्हे ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक गयारोज़ जाता रहा , रोज़ आता रहातुम गज़ल बन गई, गीत में ढल गईमंच से मै तुम्हे गुनगुनाता रहाज़िन्दगी के सभी रास्ते एक थेसबकी मंज़िल तुम्हारे चयन तक रहीअप्रकाशित रहे पीर के उपनिषद्मन की गोपन कथाएँ नयन तक रहींप्राण के … Read more »

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27Jul2009

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मै कवि हूँ.....
मै कवि हूँ.....

सम्बन्धों को अनुबन्धों को परिभाषाएँ देनी होंगीहोठों के संग नयनों को कुछ भाषाएँ देनी होंगीहर विवश आँख के आँसू कोयूँ ही हँस हँस पीना होगामै कवि हूँ जब तक पीडा हैतब तक मुझको जीना होगामनमोहन के आकर्षण मे भूली भटकी राधाऒं कीहर अभिशापित वैदेही को पथ मे मिल… Read more »

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27Jul2009

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आना तुम मेरे घर... अधरों पर हास लिये
आना तुम मेरे घर... अधरों पर हास लिये

आना तुम मेरे घरअधरों पर हास लियेतन-मन की धरती परझर-झर-झर-झर-झरनासाँसों मे प्रश्नों का आकुल आकाश लियेतुमको पथ में कुछ मर्यादाएँ रोकेंगीजानी-अनजानी सौ बाधाएँ रोकेंगीलेकिन तुम चन्दन सी, सुरभित कस्तूरी सीपावस की रिमझिम सी, मादक मजबूरी सीसारी बाधाएँ तज, ब… Read more »

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27Jul2009

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ये दिल क्या करे जब प्यार में धोखा मिले
ये दिल क्या करे जब प्यार में धोखा मिले

" प्यार " एक ऐसा एहसास, एक ऐसी भावना जिसका सिर्फ़ जिक्र किया जाए तो ये सारी जिंदगी कम है। प्यार ऐसी भावना जिसके नाम हम अपनी हर एक साँस भी लिख दे तो वो भी कम है। परंतु सबसे ज्यादा समस्या भी प्यार में उत्पन्न होती है। सबसे ज्यादा दिल भी प्यार में ही टू… Read more »

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19Jul2009

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वक़्त  नहीं
वक़्त नहीं

हर खुशी है लोगों के दामन में,पर एक हँसी के लिये वक़्त नहीं,दिन रात दौड़ती दुनिया में,जिन्दगी के लिये ही वक़्त नहीं,माँ की लोरी का एहसास तो है,पर माँ को माँ कहने का वक़्त नहीं,सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं,सारे नाम मोबाइल… Read more »

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18Jul2009

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तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .एक दोस्त है कच्चा पक्का सा ,एक झूठ है आधा सच्चा सा .जज़्बात को ढके एक पर्दा बस ,एक बहाना है अच्छा अच्छा सा .जीवन का एक ऐसा साथी है ,जो दूर हो के पास नहीं .कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,तुम कह देना क… Read more »

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13Jul2009

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यादें कॉलेज के दिनों की
यादें कॉलेज के दिनों की

वो कॉलेज का First Year,घूर कर Seniors का कहना Come Here,Seniors को देखते ही उड़ जाते थे होश,मस्ती-मज़ाक भूल जाते,कम पड़ जाता जोश!3rd Button की ओर देखना,और 90 wish मारना,ज़रा सी गलती करने पर वो Seniors का डाटना,Normal का तो पता नही,पर Technical Intro रटा … Read more »

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12Jul2009

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मेरा ज़िक्र ना करना
मेरा ज़िक्र ना करना

किसी महफिल या वीरानों में मेरा ज़िक्र ना करना,किन्ही अपने बेगानों में मेरा ज़िक्र ना करना,हर कोई समझ ना सकेगा हमारी दोस्ती को,अपने दीवानों से मेरा ज़िक्र ना करना,अकेले बैठ कर सोचो जब मेरे बारे में,देखो कहीं लफ्ज़ों का सहारा ना लो तुम,कुछ सोच के चाहे मुस्… Read more »

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12Jul2009

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मेरा पहला प्रेम पत्र
मेरा पहला प्रेम पत्र

जब तुमसे मिला, तुम दिल को छु गई, आँखो से आँखे मिली, और रूह फना हो गई, मेरे दिल मैं अरमानों की कली खिल गई, भटकती आँखों को अब मंजिल मिल गई, जितना तुझे जानता, उतना तुझमें और डूब जाता, जब तेरे साथ बैठता, तो इस रूह को सुकून आता, सोचा दिल की बात अगर ना कही… Read more »

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12Jul2009

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मुसकुराना मत छोड़ना
मुसकुराना मत छोड़ना

तुम रूठ भी जाओ तो कोई ग़म नहीं पर यूं नज़रें मिलाना मत छोड़ना गर हो कोई ग़म मुझको दे दो सनम कि तुम मुसकुराना मत छोड़ना तुम भूल भ… Read more »

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12Jul2009

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वो लड़की एक पागल सी
वो लड़की एक पागल सी

ये कविता मैंने अपनी सबसे अच्छी दोस्त के लिये लिखी है..उसके बारे में कविता के माध्यम से अपने शब्दों को अभिव्यक्ति बहुत दिनों से देने की सोच रहा था पर कभी समय नहीं मिल पा रहा था तो कभी चाहते हुये भी शब्द कागज पर नहीं उतर पा रहे थे... मैं सिर्फ यही कहना… Read more »

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05Jul2009

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इस पत-झड़ की तू ही एक बहार है
इस पत-झड़ की तू ही एक बहार है

खिलती सुबह ढलती शामकी तरह तू मासूम है,इठलाती घटाओं, लहराती हवाओंकी तरह तू बड़ी नादाँ है।तारीफ़ क्या करूँ ज़माने से तेरी,तू अपने आप में ही कुछ ख़ास है।निगाहों में तेरी कशिश है अजब सी,हंसीं तेरी एक प्यार भरा जाम है,महकती है फ़िज़ायें साँसों से तेरी,धड़कनें… Read more »

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05Jul2009

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काश मैं तेरे हसीन हाथ का कंगन होता
काश मैं तेरे हसीन हाथ का कंगन होता

काश मैं तेरे हसीन हाथ का कंगन होतातू बडे प्यार से बडे चाव से बडे अरमान के साथअपनी नाज़ुक सी कलाई में चढाती मुझ कोऔर बेताबी से फ़ुर्कत के खिज़ां लम्हों मेंतू किसी सोच में डूबी जो घुमाती मुझ कोमैं तेरे हाथ की खुश्बू से महक सा जाताजब कभी मूड में आ कर मुझे … Read more »

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05Jul2009

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तुझे सब है पता ....है न माँ
तुझे सब है पता ....है न माँ

मैं कभी बतलाता नहीं... पर semester से डरता हूँ मैं माँ ...| यूं तो मैं दिखलाता नहीं ... grades की परवाह करता हूँ मैं माँ ..| तुझे सब है पता ....है न माँ || किताबों में ...यूं न छोडो मुझे.. chapters के नाम भी न बतला पाऊँ माँ | वह भी तो ...इतने सार… Read more »

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05Jul2009

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बहुत याद आया
बहुत याद आया

आज बिछड़ा हुआ एक दोस्त बहुत याद आया,अच्छा गुज़रा हुआ कुछ वक्त बहुत याद आया,कुछ लम्हे, साथ बिताए कुछ पल,साथ मे बैठ कर गुनगुनाया वो गीत बहुत याद आया,इक मुस्कान, इक हँसी, इक आँसू, इक दर्द,वो किसी बात पे हँसते हँसते रोना बहुत याद आया,वो रात को बातों से एक… Read more »

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04Jul2009

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मोहब्बत हो गयी है चैटिंग से...
मोहब्बत हो गयी है चैटिंग से...

दुनिया बदल गयी है चैटिंग सेहोती है अब हैकिंग चैटिंग सेहोती थी लड़कियाँ सुबह शाम हमारी गलीं मेंनिकलना हो गया उनका बन्द चैटिंग सेक्योंकि होती हैं अब तो सैटिंग चैटिंग सेदुनिया हो गयी है बेकार चैटिंग सेहोती हैं खराब आखें चैटिंग सेपहले करते हम दोस्त बातें … Read more »

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02Jul2009

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मिलन
मिलन

मेरे ज़ेहन में उठनेवाले सारे सवालों में मिलना ।रात- दिन तुम मुझको मेरे ख़यालों में मिलना ॥मैं हवा हूँ, कर न पाऊँ 'ग़र मुलाक़ात हर रोज़पलकों के अँधेरे में मिलना, धड़कन के उजालों में मिलना ।हर पल पसंद है तेरा रुप- श्रृंगार मुझकोबंद ज़ुल्फ़ों में मिलो या ख… Read more »

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02Jul2009

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यादें
यादें

फ़िर तेरी याद ने इतना मुझे रुलाया है।दर्द उतना ही बढ़ा जितना इसे दबाया है।आंसू छलके ही रहे रोज़ मेरी आंखों से,ज़ख्म जलते ही रहे बीती हुई बातों से,आज यह दिन भी मुझे प्यार ने दिखाया है।दर्द उतना ही बढ़ा जितना इसे दबाया है।तन्हाई में मुझे फ़िर अतीत याद आत… Read more »

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01Jul2009
 
 
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